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PALANHAR YOJNA (पालनहार)




पालनहार योजना: Palanhaar Scheme, Eligibility, Ap
plication Form, Required Documents List & Benefits
DOWNLOAD FORMhttp://dholpur.rajasthan.gov.in/content/dam/doitassets/Dholpur/PDF/Scheme%20Forms%20for%20Depts/Social%20Justice/palanhar%20yojana.pdf
हमारे समाज में ऐसे बच्चो की कोई कमी नहीं है जिनके माता पिता की मृत्यु हो गई है, औए वे अनाथ है, ऐसे बच्चे भी जिनके मातापिता कुष्ठ या एड्स से पीड़ित है, किसी गुनाह में माता या पिता को मृत्यु दंड या आजीवन कारावास की सजा मिली है, माँ विधवा, तलाक शुदा या परित्यक्ता है. इनकी उम्र इतनी नहीं है वे अपनी रोटी का इंतजाम कर सके. या तो ये बच्चे भूखे रहेंगे या किसी रिश्तेदार के पास रहेंगे किन्तु रिश्तेदार इन्हें अपने पास नहीं रखेंगे. इन बच्चो के सामने परेशानी का पहाड़ खड़ा है,अपनी रोजी रोटी के लिए ये बच्चे या तो किसी होटल में काम करेंगे या कही छोटी मोटी चोरी करेंगे. जीवन ऐसा बीत जायेगा गरीब पैदा हुए है और गरीब ही हर जायेंगे क्योकि इनके पास अपनी रोजी रोटी कमाने का कोई विकल्प नहीं है. राजस्थान की सरकार ने ऐसे मासूमो को अपने पैर पर खड़े होने की योजना 2005 में बनायीं जिसे पालनहार नाम दिया गया. इसमें आवश्यकता के अनुसार समय समय पर संशोधन भी किये है. यह एक आकर्षक योजना है, ईमानदारी योजना क्रियान्वयन करने से सभी मासूम अपने पैरो पर खड़े हो सकते है और गरीब नहीं अमीरी के साथ अपना जीवन त्याग सकते है. इस दैविक आपदा से निबटने का सरकार का यह प्रयास वन्दनीय है.


A पालनहार

1. जो व्यक्ति अनाथ बच्चो की परवरिश करने का उतरदायित्व लेता है उसे पालनहार कहते है. पालनहार इन बच्चो को भोजन, वस्त्र, रहने के लिए आवास प्रारम्भिक शिक्षा और उन्हें लगने वाली जरुरत की वस्तुओ का उपलब्ध कराएगा. इसके लिए पालनहार से शपथ पत्र भी लिया जा सकता है.

2. विधवा और परित्यक्ता महिलाए अपने बच्चो के लिए पालनहार की भूमिका खुद ही निभाएगी.

3. पालनहार इन बच्चो को घर और अपने बेटो जैसे सुविधा देगा.

B अनाथ बच्चे पालनहार योजना के लिए निम्न को माना जायेगा:

(i) जिन बच्चो के माता पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी हो चुकी हो.

(ii). उन बच्चो के माता पिता में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है या आजीवन कारावास की सजा दण्डित किया गया है.

(iii). ऐसे बच्चे जिनके पिता की मृत्यु हो चूँकि है और विधवा माँ पेंशन की पात्रता रखती है.

(iv). ऐसे बच्चे जिनकी विधवा माँ ने पुनर्विवाह किया है.

(vi). वे बच्चे जिनके माता पिता कुष्ठ रोग या एड्स से पीड़ित है.

उल्लेखित श्रेणी में आने वाले बेटे बेटिया पालनहार योजना के लिए अनाथ माना गया है.


C पालनहार योजना के लिए पात्रता

1. बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होना चाहिए

2. बच्चे का सगा भाई कमाने वाला नही होना चाहिए

3. पालनहार योजना में शामिल बच्चा को आवेदन की तारीख को 3 वर्ष की अवधि तक राजस्थान प्रदेश का रहने वाला होना चाहिए.

4. पालनहार की वार्षिक आय 1.20 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए.


D. योजना के दस्तावेज

(i) वार्ड पार्षद या सरपंच का प्रमाण पत्र जिसमे यह उल्लेख हो कि हितग्राही योजना के लिए पात्र है.

(ii) आगन वाड़ी या विद्यालय का प्रमाण पत्र जिसमे यह प्रमाणित किया गया हो कि आवेदक आँगनवाड़ी या किसी विद्यालय का नियमित छात्र है.

(iii) अनाथ बच्चे को अपने माता पिता के मृत्यु का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये जाने के बाद ही योजना का लाभ प्राप्त करने का पात्र होगा.

(iv) पालनहार का अद्यतन फोटो और निवास प्रमाणित करने वाला valid दस्तावेज जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली या पानी का नवीनतम बिल इस दस्तावेज के लिए दिया जा सकता है.

(v) योजना का लाभ लेने वाले सभी बच्चो के नवीनतम फोटो आवश्यक है.

(vi) पालनहार का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाते का विवरण दिया जाना आवश्यक है जिससे कि उसके दिए विवरण के अनुसार वितीय लाभ की राशी उसके खाते में जमा की जा सके.

E. पालनहार योजना के तहत मिलने वाले लाभ


(i) आगंवाडी में पढने वाले बच्चो को 5 वर्ष की आयु तक रु 500 प्रतिमाह.

(ii) विद्यालय जाने वाले बच्चो को रु 1000 प्रतिमाह.

(iii) जुते, चप्पल और वस्त्र और अन्य आवश्यकता के लिए रु 2000 प्रतिवर्ष (विधवा और नाता को छोड़कर )

(iv) योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाला वितीय लाभ पालनहार के बैंक खाते में सीधा जमा लिया जायेगा.


F पालनहार योजना में शामिल वर्गों के लिए पात्रता, योजना के तहत मिलने वाले लाभ और आवश्यक दस्तावेज (अलग-अलग वर्गों के लिए)

नाथ : इस वर्ग में आने वाले बच्चो की पात्रता और आवश्यक दस्तावेज निम्नानुसार होंगे.

(i) इस वर्ग के सभी संतानों को वितीय लाभ मिलेगा

(ii) इस वर्ग के बच्चो की 15 की आयु होने पर इन्हें छात्रावास में रखा जायेगा,छात्रावास में अवकाश होने पर इन्हें पालनहार के पास रखा जाएगा जितनी दिन ये बच्चे पालनहार के पास रहेंगे उसी अनुपात में पालन हार को राशी उसके खाते में भेजी जाएगी.

(iii) ऐसे बच्चो की यदि कोई सम्पति है तब उसका विवरण तहसीलदार /नगर पालिका /ग्राम पंचायत को दिया जायेगा. जब तक ये बच्चे वयस्क नहीं हो इस सम्पति की रक्षा सामाजिक न्याय विभाग द्वारा की जाएगी. वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.


(iv) G. मृत्यु दंड या आजीवन कारावास से दण्डित माता पिता की संतान: इस वर्ग के अधिकतम एक संतान को इस योजना का वितीय लाभ प्राप्त होगा. बच्चे को माता पिता को आदेशीत दंड के आदेश की प्रति प्रस्तुत करना होगा. इस संतान को वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.

H. निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा के संतान : इस वर्ग में आने वाले अधिकतम तीन बच्चो को योजना का वित्तीय लाभ मिलेगा. विधवा माँ को पेंशन मिलने वाला पत्र प्रस्तुत करना होगा.इस श्रेणी के बच्चो की पालनहार इनकी विधवा माँ होगी. अन्य कोई पालनहार नहीं हो सकता. इस वितीय लाभ के अतिरिक्त विधवा माँ को उसे मिलने वाले सभी लाभ सभी लाभ की वह पात्र होगी.

I. नाता जाने वाली माता के अधिकतम तीन संतानों को इस योजना के तहत वित्तीय लाभ मिलेगा


इस श्रेणी के लिए पात्रता और दस्तावेज

(i) यदि ग्रामीण क्षेत्र में रहती है ; इस योजना में शामिल होने के लिए सबंधित ग्राम सभा की सिफारिश आवश्यक है

(ii) नगरीय क्षेत्र में : आयुक्त नगर निगम/ नगर पालिका का मुख्य कार्यकारी अधिकारी / अधिशासी अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र में दिया गया प्रमाण पत्र.

(iii) वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.


(v) पुनर्विवाहित : जिस विधवा महिला ने पुनर्विवाह किया ऐसी महिला के एक बच्चे को वितीय लाभ मिलेगा. इस महिला को पुनर्विवाह करने सबंधी सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है. इस बच्चे को मिलने वाली वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.


(vi) एड्स पीड़ित माता पिता: इस श्रेणी में आने वाले माता पिता के सभी संतानों को इस योजना का वित्तीय लाभ दिया जाएगा. इन वर्गों के बच्चो के पालनहार इनके माता पिता होंगे. माता पिता को एड्स कंट्रोल सोसायटी का पंजीकृत प्रमाण पत्र देना होगा. एड्स पीड़ित माता-पिता को राजस्थान एड्स कंट्रोल सोसायटी की ग्रीन डायरी की प्रति देना होगा. वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.

(vii) कुष्ठ रोग से पीड़ित माता पिता : इस वर्ग में आने वाले माता पिता के सभी बच्चो को योजना का वित्तीय लाभ दिया जाएगा. इनके पालनहार इनके माता पिता होंगे. इन माता पिता को कुष्ठ रोग होने सबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा. वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.


(viii) ऐसे माता या पिता जिनमे दिव्यंगता का % 40 से अधिक है ऐसे माता पिता के दो पुत्र पुत्रियों को योजना वितीय लाभ प्राप्त होगा. ऐसे बच्चो के माता पिता इनके पालनहार होंगे. इन माता पिता को वैध चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा. वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) और (ii) में विस्तार से बताया गया है.

तलाक शुदा परित्यक्त महिला: इस श्रेणी में आने वाली सभी माताओ के सभी बच्चो को योजना का वितीय लाभ मिलेगा. माँ ही इनकी पालनहार होगी. ऐसी माताओ को निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.

1. वे महिलाये जिन्होंने विधिवत तलाक लिया है उन्हें सक्षम न्यायालय का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.

2. मुस्लिम महिला का तलक नामा और शपथ पत्र और काजी द्वारा जारी किया गया तलाक पत्र.

3. ऐसी महिला जो तीन वर्ष से अधिक समय से पति से अलग रहती हो गाव के सरपंच,पटवारी और ग्राम सचिव का संयुक्त प्रतिवेदन, नगरीय क्षेत्र के नगरनिगम आयुक्त, मुख्य कार्यपालन अधिकारी या इनके प्रतिनिधि या वार्ड पार्षद और पटवारी का संयुक्त प्रतिवेदन.

4. वितीय सहायता की राशी का आकार क्या होगा उसे E के (i) औ

में विस्तार से बताया गया है.